बनासकांठा। डीसा में धुनवा रोड पर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में भीषण विस्फोट और आग लगने से 21 श्रमिकों की मौत हो गई। 21 मृतकों में पांच नाबालिग भी हैं। आग एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद लगी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि गोदाम ध्वस्त हो गया और वहां काम कर रहे मजदूरों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। जानकारी के अनुसार, घटना के बाद फैक्ट्री मालिक दीपक मोहना को पुलिस ने इडर से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसके पिता खूबचंद मोहनानी फरार हैं। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। मृतकों के शव मध्य प्रदेश के अधिकारियों को रात दो बजे सौंप दिए जाएंगे। डीसा त्रासदी में एसआईटी का गठन किया गया है। जिसमें डीएसपी के नेतृत्व में दो पुलिस निरीक्षक और दो पुलिस उपनिरीक्षकों को शामिल किया गया है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2-2 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने डीसा में पटाखा फैक्ट्री में हुई त्रासदी पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा- गुजरात के बनासकांठा में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई श्रमिकों के मारे जाने और कई के घायल होने की खबर से बहुत दुखी हैं। मैं पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इस त्रासदी की तुरंत जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अक्सर ऐसी फैक्ट्रियों में आग और विस्फोट की घटनाएं होती हैं और जीविका कमाने के लिए बाहर गए गरीब मजदूर अपनी जान गंवा देते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डीसा पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।
बनासकांठा जिला पुलिस प्रमुख और मंत्री बलवंत सिंह राजपूत सिविल अस्पताल पहुंचे। सिविल अस्पताल में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। उधर, फैक्ट्री में काम करने वाले एक युवक से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, डीसा के धुंवा रोड स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह-सुबह भीषण आग लग गई। आग ने जल्द ही भयंकर रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। विस्फोट इतना भयानक था कि मजदूरों के शरीर के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री का मलबा 200 मीटर तक फैल गया, जिसे हटाने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। विस्फोट के कारण गोदाम की छत भी ढह गई। पांच श्रमिकों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि सभी मृतक मध्य प्रदेश के निवासी थे। जानकारी के अनुसार, ये मजदूर हाल ही में पैसा कमाने के लिए यहां आये थे और काम कर रहे थे। मृतक की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर पटेल ने कहा कि आज सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में भीषण विस्फोट की सूचना मिली। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घायल श्रमिकों को अस्पताल ले जाया गया है। विस्फोट के कारण फैक्ट्री का स्लैब ढह गया।
राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने डीसा घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि डीसा में पटाखा गोदाम में विस्फोट और स्लैब गिरने से श्रमिकों की मौत की घटना हृदय विदारक है। इस दुःख की घड़ी में मेरी हार्दिक संवेदनाएं।