नई दिल्ली। आज 24 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इंडिया अलायंस के छात्रों द्वारा एनईपी-2020, यूजीसी ड्राफ्ट नियमों और पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारत के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सच्चाई यह है कि अगर हमारी शिक्षा प्रणाली उनके (आरएसएस) हाथों में जाती रही, धीरे-धीरे जा भी रही है, तो हमारा देश बर्बाद हो जाएगा, किसी को रोजगार नहीं मिलेगा, यह देश खत्म हो जाएगा। मुझे खुशी है कि आज सभी छात्र संगठन यहां आए है। आप सभी की जिम्मेदारी है कि देश के विद्यार्थियों को दिखाएं कि आज भारत के विश्वविद्यालयों में आरएसएस द्वारा मनोनीत कुलपति बैठे हैं। भविष्य में भी आरएसएस राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति को मनोनीत करेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुंभ मेले के बारे में बात की थी। मैं उनसे कहना चाहता था कि कुंभ मेले में बोलना अच्छी बात थी, लेकिन उन्हें भविष्य के बारे में भी बोलना चाहिए था। उन्हें बेरोजगारी के बारे में बात करने की जरूरत थी। भाजपा-आरएसएस मोड का उद्देश्य देश की सारी संपत्ति अंबानी-अडानी को देना और सभी संस्थाओं और संगठनों को आरएसएस को सौंपना है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि आप इंडिया अलायंस के छात्र हैं, हमारी विचारधाराओं और नीतियों में कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ कभी समझौता नहीं कर सकते।” हम इस लड़ाई को एक साथ लड़ेंगे और आरएसएस को पीछे धकेलेंगे। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति पर यूजीसी के मसौदा नियम आरएसएस के एजेंडे को बढ़ावा देने का एक प्रयास है और इसका उद्देश्य देश पर एक इतिहास, एक परंपरा, एक भाषा थोपना है।