नई दिल्ली। अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को लेकर दो विशेष विमान पंजाब के अमृतसर आने वाले हैं। पहला विमान 15 फरवरी 2025 को उतरेगा और दूसरा विमान 16 फरवरी को आ रहा है। इन विमानों के अमृतसर में उतरने को लेकर पंजाब में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इससे पहले अमेरिका से अवैध प्रवासियों को लेकर जो विमान आया था वह भी अमृतसर एयरपोर्ट पर ही लैंड हुआ था। पहली उड़ान में 104 भारतीयों को अमेरिका से भारत लाया गया था। अब 15 और 16 फरवरी को दो और उड़ानें उतरेंगी, जिस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने निर्वासित भारतीयों को वापस लाने के लिए केवल अमृतसर को चुना है, जबकि उन्हें अन्य राज्यों में भी उतारा जा सकता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार, 14 फरवरी को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भगवंत मान ने कहा कि लंबे समय से वे कहते आ रहे हैं कि केंद्र सरकार पंजाब को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। केंद्र सरकार कभी-कभी पंजाब के लिए फंड रोक देती है, अब अमेरिका से निकाले जा रहे भारतीयों को विमान से अमृतसर उतारा जा रहा है। पहला विमान भी अमृतसर में उतरा था।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसा क्यों कर रही है, इसके लिए अमृतसर को ही क्यों चुना गया?’ केंद्र सरकार सिर्फ बदनाम करने के लिए ऐसा कर रही है। यह एक राष्ट्रीय समस्या है। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वहां से निकाले गए लोगों को जंजीरों में बांधकर भारत भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस विमान को अंबाला में क्यों नहीं उतारा जा रहा है, यह सिर्फ पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई उड़ान शुरू करने के लिए कहा जाता है तो मोदी सरकार को हमारी याद नहीं आती और अब अमेरिका से आने वाले विमानों को अमृतसर में उतारा जा रहा है।