मंुबई। महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने के मामले में राज्य सरकार बैकफुट पर आ गई है और इससे बचने की कोशिश कर रही है। चुनावी माहौल से पहले शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने से विपक्ष को नया मुद्दा मिल गया है। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं शिवाजी महाराज की प्रतिमा के चरणों में गिरकर 100 बार माफी मांगने को तैयार हूं। शिवाजी महाराज महाराष्ट्र में पूजनीय हैं और उन्हें राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। सीएम शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा दोबारा बनवाने पर फैसला ले रही है। घटना की जांच के लिए दो समितियां बनाई गई हैं।
सिंधुदुर्ग स्थित इस मूर्ति के गिरने पर अजित पवार ने भी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के 13 करोड़ लोगों से माफी मांगता हूं। महाराज शिवाजी की मूर्ति का गिरना हमारे लिए एक सदमे की तरह है। राज्य के डिप्टी सीएम के तौर पर मैं माफी मांगता हूं। मैं वादा करता हूं कि भविष्य में राज्य में ऐसी कोई घटना नहीं होने दी जाएगी।
इस मामले पर भाजपा नेता और डिप्टी सीएम देवेन्द्र फड़णवीस ने भी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि महाराज की प्रतिमा का निर्माण भारतीय नौसेना की देखरेख में किया गया है। इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। राज्य सरकार शिवाजी की बड़ी प्रतिमा स्थापित करेगी और उनका सम्मान बरकरार रखा जाएगा।
उधर, सिंधुदुर्ग पुलिस ने स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट और कॉन्ट्रेक्टर चेतन पाटिल को गिरफ्तार किया है। चेतन पाटिल को गुरुवार को कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया। गत 26 अगस्त को छत्रपति महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा गिरने के बाद सिंधुदुर्ग थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।