गांधीनगर। गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। आज कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और उन्हें एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। सत्र शुरू होने पर पहले 21 मिनट तक सदन में हंगामा होता रहा। तीन दिवसीय विधानसभा सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने 12 सवाल पूछे, लेकिन एक भी सवाल सदन में नहीं आने पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस विधायक सदन में बैनर लेकर पहुंचे और एक सुर में अपना पक्ष रखा।
कांग्रेस के उपनेता शैलेश परमार ने आरोप लगाते हुए सदन में कहा कि कांग्रेस पार्टी के विधायक गुलाब सिंह चौहान के दाहोद जिले का प्रश्न कल दर्ज किया गया था और बाद में बताया गया कि प्रश्न रद्द कर दिया गया है। आज हमारे पास 12 प्रश्न थे लेकिन हमारा कोई भी प्रश्न दर्ज नहीं किया गया। सत्तापक्ष की ओर से केवल दो प्रश्न दाखिल किये गए। अध्यक्ष की ओर से कहा गया कि विधानसभा के नियम के तहत अल्पावधि के प्रश्न में मंत्री की सहमति के बाद ही प्रश्न पटल पर रखा जाता है और फिर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से वाॅकआउट कर दिया।
मंत्री ऋषिकेष पटेल की ओर से कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में रखा गया, जिसका मंत्री हर्ष संघवी ने समर्थन किया। इसके बाद बहुमत के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस सदस्यों को एक दिन के लिए निलंबित करने का फैसला किया।
कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने कहा कि राज्य सरकार जनता के पैसों से सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह देती है और जनता के सवालों को सदन में नहीं रखा जाता है। गुजरात विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया जा रहा है। सरकार भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए 10 दिन का सत्र नहीं बुलाती है और न ही सवाल उठाती है, इसलिए हमने सदन से वॉकआउट किया है।